प्यार भरी 'चीटिंग'
बच्चे के दवा न खाने पर लड्डू में दवा छिपाकरखिला देना ,खाना न खाने पर कहानी सुनाने का लालच देनाऐसे ही न जाने कितने प्यार भरे पैंतरे माँ बच्चों से काम कराने के लिए बचपन में अपनाती हैं और कुछ समय बाद जीवन के एक मोड़पर दोनों के रोल बदल जाते हैं ब च्चे बड़े होकर माँ को उसी निश्छल प्यार से संभालते हैं।
ऐसे ही सतीश की शादी हो गयी थी माँ बहुत खुश थी बहू डॉक्टर होने के साथ समझदार भी थी।रात को सोते समय माँ ने नींद की गोली माँगी तो बहू ने नींद की गोली रोज खाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया पर वे बार-बार यह कहकर की गोली के बिना मुझे नींद नहीं आयेगी बहू से गोली देने की जिद्द कर रहीं थी पर बहू भी आज अपनी बात पर अड़ी थी। बेटा सब सुन रहा था।माँ ने बेटे को जोर से अवाज लगायी और नींद की गोली देने के लिए कहा बेटे ने एक बार भी मना किये बिना जेब से एक दवा का पत्ता निकाला और एक गोली निकालकर माँ के मुँह में रख पानी पिला दिया।पानी पीकर माँ आर्शीवाद देती हुई सो गई।पत्नी ने गुस्सा होते हुए कहा- तुमने यह ठीक नहीं किया उसने बिना कुछ कहे पत्ता पत्नी को दे दिया।विटामिन की गोलियाँ देखकर वह मुस्कराने लगी और धीरे से बोली आप माँ के साथ चीटिंग करते हैं।सतीश ने कहा माँ ने भी बचपन में कई चीजें ऐसे ही खिलाई हैं।बचपन में वे मेरे साथ जो किया करती थीं अब मैं उसका बदला ले रहा हूँ यह कह कर वह मुस्कराने लगा उसका माँ के प्रति प्यार देखकर वह भी हँस दी।
सही कहते है बुढ़ापे में आदमी बच्चों जैसा हो जाता है।
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