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वसन्त का मानवीकरण....महावर !!

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अंगशुची , मंजन , वसन , मांग , महावर , केश। तिलक भाल , तिल चिबुक में , भूषण मेंहदी वेश।। मिस्सी काजल अरगजा , वीरी और सुगंध। अर्थात अंगों में उबटन लगाना , स्नान करना , स्वच्छ वस्त्र धारण करना , मांग भरना , महावर लगाना , बाल संवारना , तिलक लगाना , ठोढी़ पर तिल बनाना , आभूषण धारण करना , मेंहदी रचाना , दांतों में मिस्सी , आंखों में काजल लगाना , सुगांधित द्रव्यों का प्रयोग , पान खाना , माला पहनना , नीला कमल धारण करना सौभाग्य स्त्रियों के लिए शास्त्रों में बताया गया है। हिन्दू धर्म में छोटे - बड़े सभी प्रकार के शुभ कार्य महावर के बिना शुरू नहीं होते है। भारत में विवाह , त्योहार , पूजा आदि शुभकार्यों में पैरों में महावर लगाने का प्रचलन है। महावर को ‘ आलता ’ व ‘ जावक ’ भी कहा जाता है। यह लाल रंग का तरल पदार्थ होता है   जिसे महिलायें पायल और बिछिया पहनने के साथ ही अपने पैरों में लगाती हैं। महावर या आलता लगाने से महिलाओं के पैर और भी अधिक खूबसूरत लगने लगते है। ब...

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