मन की शक्ति
मनुष्य के जीवन में यदि कोई सबसे शक्तिशाली तत्व है , तो वह उसका मन है। मन ही हमें ऊँचाइयों तक ले जाता है और मन ही हमें गहराइयों में धकेल देता है। शरीर की शक्ति सीमित होती है , लेकिन मन की शक्ति असीम होती है। इसलिए जीवन में सफलता , संतुलन और शांति पाने के लिए सबसे पहले अपने मन को सशक्त बनाना आवश्यक है। मन की कमजोरी ही हमारे अधिकांश दुःखों का कारण बनती है। जब हम परिस्थितियों से डर जाते हैं , दूसरों की बातों से टूट जाते हैं , और असफलता से घबरा जाते हैं—तब वास्तव में हमारी हार बाहर से नहीं , बल्कि भीतर से होती है। इसके विपरीत , यदि मन दृढ़ हो , तो कठिन से कठिन परिस्थितियाँ भी हमारे आगे झुक जाती हैं। इतिहास गवाह है कि जिन्होंने अपने मन को मजबूत बनाया , उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया। मन को सशक्त बनाने का पहला उपाय है—सकारात्मक सोच। विचार ही हमारे मन का निर्माण करते हैं। यदि हम हर परिस्थिति में नकारात्मक पहलू ही देखते रहेंगे , तो मन कमजोर होता जाएगा। लेकिन यदि हम हर कठिनाई में अवसर खोजने की आदत डाल लें , तो हमारा मन धीरे-धीरे मजबूत होने लगेगा। सकारात्मक सोच का अर्थ यह नहीं कि समस्...