परखने वाले का नहीं समझने वाले का साथ...!

एक 'मिडिल क्लास' पति बीवी से प्यार ज़ाहिर करने के लिए उसे ऐनिवर्सरी पर ताजमहल या नैनीताल नहीं ले जा पाता! घर में जब सब सो जाते हैं तब वो रात में ऑफ़िस वाले बैग में से चाँदी की एक जोड़ी पायल और लाल काँच की चूड़ियाँ धीरे से निकाल कर बीवी को पहनाता है और.. 

उसके माथे पर पसीने से फैल चुके सिंदूर को उँगलियों से पोछते हुए ख़ुद से वादा करता है कि अगली गर्मी से पहले वो कूलर ख़रीद लाएगा..! और शर्ट की जेब टटोल कर 500 रूपये  हाथ में देते हुए कहता है, " घर जाना तो अम्मा और भाभी के लिए कुछ ख़रीद लेना! क्या पता तब हाथ में पैसे रहे न रहे..🙂

हर कोई चाहता है प्यार में ताजमहल बनाना परंतु जीवन का सच है दो टाइम की रोटी का जुगाड़ लगाना !!

जिंदगी तब बहुत आसान हो जाती है, 

जब साथी परखने वाला नहीं....!

बल्कि समझने वाला  साथ हो...!! ❤




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