वाह नेताजी वाह...😏
खद्दर -टोपी पहन के नेता,
लड़ने चले चुनाव
था विपक्ष भी टक्कर का
इज्जत लगी थी दाव पर,
जमकर भाषण दे,जनता से
लगे नेताजी माँगने वोट,
तभी किसी मतदाता ने
कर दी मन पर चोट!
लगा पूछने प्रश्न
पाँच साल तक कहाँ थे गायब
जरा हिसाब बताओ
क्या-क्या काम किये जन हित में
जरा हमें समझाओ।
उन वादों को याद करो
जो तुमने हमसे किये थे
बिजली -पानी-राशन सारे
हुए लापता कब से
इनका पता बता दो
फिर तुम वोट हमारा पाओ.....
सुनकर मतदाता की बात
नेताजी बौखलाये,
चीखे जाकर माइक पर
जल्दी इसे भगाओ
यह गद्दार वतन का है
इससे वतन बचाओ
नहीं जानता यह कि
हमारी देशभक्ति है परमानेंट
लगता हैं यह आई.एस.आई.
का भेजा हुआ एजेंट!!!
जनता ने विश्वास कर लिया
सफल हो गया नेता-तंत्र!
तबसे सोच में पड़ा हुआ है
यह भारतीय लोक-तंत्र!
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